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pathri ka homeopathic ilaj

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पथरी का होमियोपैथिक उपचार, इलाज

शरीर में पानी की कमी से , अतिरिक्त उष्णता बढ़ने, गर्म जलवायु के प्रभाव से, आदि कारणों से शरीर में जलीय-अंश की कमी होजाती है जिसे डिहाइड्रेशन कहते हैं ऐसी स्थिति में मूत्र में कमी हो जाती है, जिससे कैल्शियम के कण पेशाब के जरिये पूरी तरह नहीं निकल पाते और एक जगह एकत्र होने लगते हैं। और पथरी का रूप ले लेते हैं ।

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दोस्तों पथरी आजकल की आम समस्या हो गयी हैं । इसके कई घरेलू इलाज भी हैं । जिनको करने से पथरी आसानी से निकल जाती है। इसके साथ ही हम यहाँ पर आपको होमियोपैथिक उपचार के बता रहे हैं । मार्केट में होमियोपैथिक मेडिकल स्टोर पर यह दवा आसानी से मिल जाती है जिसका नाम है BERBERIS VULGARIS (स्वदेशी कंपनी SBL की बढ़िया असर करती है )।

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(ये BERBERIS VULGARIS दवा भी पत्थरचट्टा नाम के पोधे से बनी है बस फर्क इतना है ये dilutions form मे हैं पथरचट पोधे का botanical name BERBERIS VULGARIS ही है ) ।

अब इस दवा की 10 -15 बूंदों को एक चौथाई (1/ 4) कप गुण गुने पानी मे मिलाकर दिन मे चार बार (सुबह,दोपहर,शाम और रात) लेना है । बच्चों को कम मात्रा में देना चाहिए या फिर डॉ के हिसाब से दिन में कम से कम तीन बार और अधिक से अधिक चार बार ले सकते है । इसको लगातार एक से डेढ़ महीने तक लेना है कभी कभी दो महीने भी लग जाते है ।

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