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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के घरेलू उपाय

Rog Pratirodhak Chamta Badhane ke Gharelu upay

रोग प्रतिरोधक क्षमता जिसे हम इम्यून सिस्टम या इम्युनिटी पावर के नाम से भी जानते हैं। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता हमें कई बीमारियों से सुरक्षित रखती है। अक्सर हम कई छोटी-मोटी बीमारियों और संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं जिनसे हमारा शरीर खुद ही निपट लेता है यानी कि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता इन छोटी मोटी बीमारियों को खुद ही खत्म कर देती है।

अगर हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) कमजोर है तो ऐसे में बीमारियों का असर जल्दी होता है. ऐसे में शरीर कमजोर हो जाता है और हम जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि इम्यून पावर के कमजोर होने पर बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में ये बहुत जरूरी है कि हम अपनी इम्यून पावर को बनाए रखें। वैसे तो कई सारे तरीके हैं रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity System) को मजबूत बनाने के लिए वो हम आगे आपको बताएँगे। यहाँ पर हम आपको बताने जा रहे की किन - किन चीजों को सेवन करने से आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी की इम्यून सिस्टम (immunity System)मजबूत होता है।


रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किन किन चीजों का सेवन करना चाहिए

हल्दी :

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में हल्दी बहुत ही गुणकारी सिद्ध हुयी है, हल्दी को लोग दवा के रूप में भी सेवन करते हैं। हल्दी को दर्द निवारक भी कहा जाता है, इसीलिए चोट लगने पर हल्दी और चूने का लेप लगाया जाता है। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए हल्दी का सेवन नियमित रूप से करें।
हल्दी में मोजूद गुणों की वजह से यह शरीर को कैंसर से लेकर अल्जाइमर तक की गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करती है। इसके अलावा हल्दी में करक्यूमिन (curcumin) नमक तत्व शरीर के रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है, जिससे ग्लूकोस का मेटाबोलिज्म सही रहता है और व्यक्ति मधुमेह जैसी बीमारियों से दूर रह सकता है ।

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अदरक :

अदरक एक गर्म खाद्य पदार्थ है। कफ और खांसी के इलाज में इसे रामबाण कहा गया है। अदरक का सेवन आपको इंफेक्शन और फ्लू से बचाता है। शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अदरक का सेवन सब्जी, चाय, काढ़ा आदि के रूप में कर सकते हैं। अदरक कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित रखता है और पुराने दर्द में भी काम करता है।

कच्चा लहसुन :

लहसुन को तामसी भोजन में शामिल किया गया है कई लोग लहसुन और प्याज को अपने खाने में शामिल नहीं करते हैं लेकिन यह एक औषधि है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लहसुन काफी मददगार है। लहसुन निम्न रक्तचाप और धमनियों को सख्त बनाने में मदद करता है। लहसुन में पर्याप्त मात्रा में एलिसिन, जिंक, सल्फर, सेलेनियम और विटामिन ए व ई पाए जाते हैं जो कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जाना जाता है।

पालक :

पालक में ना सिर्फ विटामिन सी बल्कि कई एंटीऑक्सिडेंट और बीटा कैरोटीन भी होता है जो हमारे शरीर में संक्रमण से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है. ब्रोकली की तरह पालक भी उतना ही सेहतमंद होता है. इसके पोषक तत्वों को बनाए रखने के लिए इसे पूरी तरह ना पकाएं.

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बादाम :

बादाम भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का एक बहुत अच्छा श्रोत है। जुकाम से बचाव के लिए शरीर में विटामिन E का होना बहुत जरूरी. विटामिन E इम्यून सिस्टम को स्वस्थ रखता है. बादाम में विटामिन E के साथ-साथ हेल्दी फैट भी पाया जाता है। बादाम का सेवन करने के लिए 4 से 5 बादाम शाम को दूध या पानी में भिगो कर रख दें और सुबह इसका सेवन करें। दूध के साथ बादाम का सेवन करना बहुत फायदेमंद बताया गया है।

शहद :

दूध में शहद मिला देने से यह एनर्जी बूस्टर का काम करता है। इससे तुरंत ताकत मिलती है। जो लोग सुबह में एक्सरसाइज करते हैं, उन्हें दूध में शहद मिला कर पीने की सलाह दी जाती है। यह एक्स्ट्रा एनर्जी देता है। सुबह-सुबह दूध में एक चम्मच शहद मिला कर पिया जाए तो दिन भर के लिए पर्याप्त ऊर्जा मिल जाती है।

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तुलसी :

तुलसी का धार्मिक महत्व अपनी जगह है मगर इसके साथ ही यह एंटीबायोटिक, दर्द निवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी फायदेमंद है। रोज सुबह तुलसी के 3-5 पत्तों का सेवन करें। आप चाहें तो बाजार से तुलसी रस की सीसी भी ला सकते हैं। तुलसी रस की ४ से ५ बूंदे एक गिलास पानी डालकर आप इसका सेवन कर सकते हैं इससे भी आपके शरीर का immune system मजबूत होगा।

अलसी :

अलसी हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी मदद करता है। शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए इसमें बहुत से गुण होते हैं।आलसी का नियमित सेवन करने से शरीर को कई प्रकार के रोगों से छुटकारा मिलता है। अलसी में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (alpha-linolenic acid), ओमेगा-3 (omega-3) और फैटी एसिड (fatty acid) होता है जो की हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं।

दालचीनी :

दालचीनी भी एक गर्म गर्म खाद्य पदार्थ है इसलिए इसका ज्यादा सेवन ना करें। कुछ ही मात्रा में इसका सेवन करें। दालचीनी में मोजूद एंटी-ऑक्सीडेंट (anti-oxidant) गुण खून को जमने से रोकने और हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकने में मदद करतें है। साथ ही दालचीनी शरीर के ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करती है।

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विटामिन सी :

संक्रामक रोगों से सुरक्षा के लिए विटामिन सी का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है। विटामिन सी सबसे ज्यादा खट्टे फलों में मौजूद होता है जैसे संतरा, मौसमी, किन्नू, स्ट्रॉबेरी, जामुन, नींबू और आंवला। विटामिन सी शरीर में श्वेत रक्त कोशिका को बनाता है जो कि इंफेक्शन से लड़ने में शरीर की मदद करता है।

विटामिन डी :

विटामिन डी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है. इससे कई रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है. साथ ही हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए और दिल संबंधी बीमारियों को दूर रखने के लिए भी विटामिन डी लेना बहुत जरूरी है।

ग्रीन टी और ब्लैक टी :

ग्रीन टी और ब्लैक टी के बारे में आप सभी जानते होंगे यह दोनों ही इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद होती हैं लेकिन एक दिन में इनके एक से दो कप ही पिएं ज्यादा मात्रा में इनके सेवन से नुकसान हो सकता है।

ज्यादा से ज्यादा पानी पीजिए :

रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का यह सबसे आसान तरीका है कि खूब पानी पीजिए (किडनी रोगी ऐसा न करें)। आप जितना ज्यादा पानी पिएंगे, शरीर के टॉक्सिन्स उतने ही बाहर निकलेंगे और आप संक्रमण से मुक्त रहेंगे।

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हल्दी वाला दूध :

हल्दी वाला दूध जिसे लोग गोल्डन मिल्क भी कहते हैं यह भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बहुत ही कारगर सिद्ध हुआ है।

दही :

दही के सेवन से भी इम्यून पावर बढ़ती है. इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में मददगार होती है।

ओट्स :

ओट्स में पर्याप्त मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं. साथ ही इसमें एंटी-माइक्राबियल गुण भी होता है. हर रोज ओट्स का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है।

Note : इन सभी चीजों का सेवन बहुत अधिक मात्रा में ना करें। अपने विवेकानुसार इसकी मात्रा को चुने और सेवन करें ।

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